शिक्षकों के लिए मुफ़्त ग्रुप मेकर
नाम पेस्ट करें और ग्रुप का आकार चुनें — तुरंत संतुलित ग्रुप।
इसे अपनी क्लास में कैसे इस्तेमाल करें
- •अपनी विद्यार्थी सूची पेस्ट करें और थिंक-पेयर-शेयर जैसी गतिविधियों के लिए '3-3 के ग्रुप' चुनें, जो आसानी से बड़ी क्लास पर भी लागू हो जाती हैं।
- •प्रोजेक्ट की शुरुआत में कुछ बार फिर से शफ़ल करें, ताकि कोई एक ग्रुप पक्का करने से पहले विद्यार्थी अलग-अलग ग्रुप का अनुभव कर सकें।
- •जब आपके पास लैब स्टेशन या चर्चा मंडलों की तय संख्या हो, तब 'ग्रुप की संख्या' मोड इस्तेमाल करें।
- •ग्रुप प्रोजेक्ट के लिए, अगर विद्यार्थियों को स्थायी संदर्भ चाहिए, तो दिखाए गए नाम अपनी क्लास के दस्तावेज़ में कॉपी कर लें।
- •ग्रुप मेकर को अपनी बैठक व्यवस्था के साथ जोड़ें — हर हफ़्ते नए ग्रुप से मिलकर काम करने में ताज़गी बनी रहती है।
संबंधित टूल्स
योजना बनाते रहें
शिक्षकों के लिए रैंडम ग्रुप जनरेटर क्यों इस्तेमाल करें?
हाथ से ग्रुप बनाना धीमा काम है, और विद्यार्थियों को ख़ुद चुनने दें तो अक्सर वही पुरानी टोलियाँ बन जाती हैं। शिक्षकों के लिए रैंडम ग्रुप जनरेटर कुछ ही सेकंड में विद्यार्थियों को बराबर और निष्पक्ष रूप से बाँट देता है। रैंडम ग्रुप बनाने से विद्यार्थी अलग-अलग नज़रियों और काम करने के तरीक़ों से भी परिचित होते हैं, जिससे सामाजिक कौशल बढ़ते हैं और कक्षा का माहौल बासी नहीं होता।
यह ग्रुप मेकर कैसे काम करता है
अपने विद्यार्थियों के नाम पेस्ट करें — हर लाइन में एक — फिर या तो ग्रुप का आकार चुनें (जैसे 4-4 के ग्रुप) या ग्रुप की कुल संख्या (जैसे 6 ग्रुप)। ग्रुप बनाएँ दबाएँ और टूल तुरंत सूची को संतुलित ग्रुप में बाँट देता है। अगर क्लास बराबर नहीं बँटती, तो बचे हुए विद्यार्थी हर ग्रुप में एक-एक करके बाँट दिए जाते हैं, ताकि किसी टीम पर ज़्यादा बोझ न पड़े। जब तक मिश्रण ठीक न लगे, आप जितनी बार चाहें फिर से शफ़ल कर सकते हैं।
ग्रुप मेकर बनाम गिनती बोलकर बाँटना
गिनती बोलकर बाँटना ('1-2-3-4, 1-2-3-4…') तेज़ है, पर सच में रैंडम नहीं — विद्यार्थी पैटर्न समझ जाते हैं और दोस्तों के साथ रहने के लिए सीटें बदल लेते हैं। डिजिटल ग्रुप मेकर बाँटने से पहले पूरी सूची को फेंटता है, इसलिए हर बार नतीजा अप्रत्याशित होता है। जब आपको कई क्लासों के ग्रुप बनाने हों और नतीजे तुरंत प्रोजेक्ट करने हों, तब यह और भी तेज़ पड़ता है।
असरदार इस्तेमाल के सुझाव
- क्लास से पहले जनरेटर चला लें, ताकि आप ग्रुप देख सकें और ज़रूरत हो तो ख़ुद अदला-बदली कर सकें।
- झटपट चर्चा के लिए छोटे ग्रुप (2–3) और प्रोजेक्ट आधारित अधिगम के लिए बड़े ग्रुप (4–5) इस्तेमाल करें।
- लंबी इकाइयों में हर हफ़्ते ग्रुप बदलें, ताकि विद्यार्थी अलग-अलग साथियों के साथ काम करें।
- एक गतिविधि से दूसरी पर जाते समय ग्रुप की सूची बोर्ड पर प्रोजेक्ट करें, ताकि विद्यार्थी बिना पूछे अपना ग्रुप ढूँढ सकें।
Google Classroom पर शेयर करें
ग्रुप मेकर को सामग्री के रूप में पोस्ट करने के लिए Google Classroom बटन पर क्लिक करें। विद्यार्थी साथियों के नेतृत्व वाली गतिविधियों के लिए इसे ख़ुद इस्तेमाल कर सकते हैं — शिक्षक के दख़ल के बिना पढ़ाई के ग्रुप बनाने, बहस की भूमिकाएँ बाँटने या बुक-क्लब मंडल बनाने के लिए।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या मैं तय आकार के ग्रुप चुन सकता हूँ?
अगर मेरी क्लास बराबर न बँटे तो क्या होता है?
क्या मैं ग्रुप की सूची सहेज या कॉपी कर सकता हूँ?
क्या ग्रुप सच में रैंडम बनते हैं?
क्या मैं अनुपस्थित विद्यार्थियों को बाहर रख सकता हूँ?
क्या ग्रुप मेकर मुफ़्त है?
यह सब एक ही ऐप में चाहिए?
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